पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए हालिया बयान पर कड़ी और तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा में आज वही नेता सम्मानित माने जाते हैं, जो देश की महान विरासत, संविधान और समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ ज़हर उगलते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा में नेहरू, गांधी, अंबेडकर, संविधान, आदिवासी, अल्पसंख्यक, दलित, किसान और गरीबों के खिलाफ बोलना ही योग्यता बन चुका है। जो जितनी बड़ी और ओछी भाषा बोले, भाजपा में उसकी उतनी ही “पूछ” बढ़ जाती है। यही वजह है कि केंद्र सरकार में कई मंत्री और सांसद लगातार अनर्गल, विवादित और शर्मनाक बयान देते रहते हैं और पार्टी उन्हें संरक्षण देने के साथ-साथ वाहवाही भी करती है।
फुरकान अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सांसद निशिकांत दुबे भी इसी मानसिकता के प्रतिनिधि हैं। भाजपा में प्रासंगिक बने रहने और सुर्खियों में छाए रहने के लिए वे जानबूझकर कूड़ा-करकट जैसी बयानबाज़ी करते हैं। सच्चाई यह है कि बिना विवाद फैलाए भाजपा में उनकी कोई अहमियत नहीं है। इसलिए वे बार-बार समाज को बांटने वाली और देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली बातें करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति, सिद्धांत और संस्कृति भाजपा से बिल्कुल अलग है। कांग्रेस के पास भी भाजपा नेताओं के काले कारनामों की लंबी सूची है, लेकिन हमने कभी किसी के निजी जीवन पर हमला नहीं किया और न ही घटिया राजनीति की राह चुनी। क्योंकि कांग्रेस संविधान, नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है।
इसके विपरीत भाजपा एक ऐसी पार्टी बन चुकी है,जिसके पास न कोई स्पष्ट सिद्धांत है,न कोई नैतिक आधार और न ही लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान।भाजपा का एकमात्र उद्देश्य किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना है—चाहे इसके लिए देश को गुमराह करना पड़े, नफरत फैलानी पड़े या जनता का ध्यान महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की बदहाली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से भटकाना पड़े।
फुरकान अंसारी ने कहा कि आज जनता सब कुछ देख और समझ रही है। भाजपा की खोखली बयानबाज़ी से जनता ऊब चुकी है। समय आने पर जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा और माकूल जवाब देगी। नफरत और झूठ की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चल सकती।