आज का यह दिन भावनाओं से भरा रहा। झामुमो के 47 वर्षों के संघर्षपूर्ण इतिहास में यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु, आदरणीय शिबू सोरेन जी शारीरिक रूप से हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं। लेकिन उनके विचार, उनके आदर्श और झारखंड के प्रति उनका आजीवन समर्पण आज भी हर झामुमो कार्यकर्ता और झारखंडवासी के दिलों में जीवित है। गुरुजी ने जिन सपनों के साथ इस आंदोलन की नींव रखी थी, उन्हीं सपनों को आगे बढ़ाने का कार्य आज पार्टी कर रही है।
आज झारखंड राज्य के माननीय मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन जी के सशक्त नेतृत्व में झारखंड विकास के नये आयाम गढ़ रहा है। हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की सहभागिता से झारखंड को वैश्विक मंच पर पहचान मिली और उनके नेतृत्व में राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के रास्ते खुले हैं, जो आने वाले समय में रोजगार, उद्योग और समृद्धि का आधार बनेंगे।
आज पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में यदि आदिवासी-मूलवासी समाज के हक़ और सम्मान की सबसे बुलंद आवाज़ किसी नेता की है, तो वह हमारे युवा मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी हैं। उन्होंने गुरुजी के विचारों को आत्मसात करते हुए आदिवासी और मूलवासी समाज के उत्थान, अधिकार और स्वाभिमान के लिए निरंतर संघर्ष और कार्य किया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह 47वाँ स्थापना दिवस हम सभी को दिशोम गुरु के दिखाए मार्ग पर चलने, उनके संघर्षों को याद रखने और झारखंड को और सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर है।
दिशोम गुरु अमर रहें — झारखंड आगे बढ़े।