रांची: 10 फरवरी, 2026। उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव एवं उत्पीड़न को समाप्त करने, UGC रेगुलेशन, 2026 को प्रभावी ढंग से लागू कराने तथा रोहित एक्ट को कानून बनाने की मांग को लेकर देशभर के छात्र संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों ने 8 फरवरी को दिल्ली में “अखिल भारतीय समता मंच” का गठन किया है। इसी कड़ी में आज झारखंड के विभिन्न छात्र संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय,रांची स्थित जैकब हॉल में संपन्न हुई। बैठक में झारखंड में अखिल भारतीय समता मंच के तहत आगे के कार्यक्रमों और आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल समिति का गठन किया गया,जिसमें दयाराम, संजना मेहता, बबलू मंडल, ऐहतेशाम प्रवीण एवं शहनवाज हुसैन थे। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय समता मंच के बैनर तले एक 13 फरवरी को 100 विश्वविद्यालय कैंपस में प्रदर्शन होगा। इसी कड़ी में रांची सहित झारखंड के सभी विश्विद्यालय कॉलेज में अखिल भारतीय विरोध दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालयों में व्याप्त जातीय भेदभाव के खिलाफ देशव्यापी आवाज़ बुलंद की जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालयों में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक छात्रों के साथ हो रहे संस्थागत भेदभाव को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा इसके खिलाफ संगठित,लोकतांत्रिक और निरंतर संघर्ष किया जाएगा।
अखिल भारतीय समता मंच ने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाते हुए UGC रेगुलेशन–2026 और रोहित एक्ट को लागू कराना आंदोलन का केंद्रीय लक्ष्य रहेगा।
आज की बैठक में आदिवासी छात्र संगठन, AISA, CRJD, AISF, छात्र राजद, MSF, मूलवासी विद्यार्थी संघ के नेताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया वहीं NSUI, JCM, SFI सहित अन्य छात्र संगठनों ने बैठक को अपना समर्थन दिया। बैठक में प्रमुख रूप से AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ, आदिवासी छात्र संघ दया राम,बादल भोक्ता,वसीम अंसारी, राकेश रौशन, अभिषेक आनंद, AISA से विजय कुमार, शालीन गोप, अनुराग राय, छात्र राजद से आनंद यादव, AISF के राज्य सचिव विक्रम कुमार, अफजल दुर्रानी, सहित विभिन्न छात्र संगठनों के राज्य एवं जिला स्तर के नेता उपस्थित थे।
जारीकर्ता
संजना मेहता
8709902021