पूर्व सांसद फ़ुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह से जन-विरोधी है और आम जनता, किसान तथा छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर खुला और करारा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि देश का किसान आज कर्ज़, महंगे बीज-खाद, सिंचाई संकट और फसल के उचित दाम न मिलने से बेहाल है, लेकिन इस बजट में किसानों के लिए न MSP की गारंटी है, न कर्ज़ माफी और न ही उनकी आमदनी बढ़ाने का कोई ठोस रोडमैप। यह बजट किसानों के दर्द को समझने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
फ़ुरकान अंसारी ने कहा कि युवा और छात्र-छात्राओं के लिए यह बजट निराशा का दस्तावेज़ है। शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, बेरोज़गारी चरम पर है, लेकिन न तो रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना दिखाई देती है और न ही शिक्षा को सुलभ बनाने की कोई गंभीर पहल।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम आदमी के लिए नहीं, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट घरानों और पूंजीपतियों को खुश करने के लिए लाया गया है। देश की मेहनतकश जनता पर बोझ डाला जा रहा है, जबकि चंद उद्योगपतियों को खुली छूट दी जा रही है।
पूर्व सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा बजट जो गरीब, किसान और युवा को नज़रअंदाज़ करे, उसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।